कंप्यूटर वायरस क्या है? इन्हें कैसे हटाए



हेल्लो दोस्तों, अगर आप कंप्यूटर या मोबाइल फ़ोन इस्तेमाल करते हैं तो बेशक आपने वायरस का नाम तो सुना ही होगा लेकिन क्या आप जानते हैं की यह क्या होता है यह कैसे काम करता है और इसकी बजह से हमारे कंप्यूटर में क्या क्या नुकशान हो सकते हैं? अगर नहीं तो कोई बात नहीं बस इस पोस्ट को आगे पड़ते रहिये क्यूंकि इसमें हम इसी बारे में बात करेंगे की कंप्यूटर वायरस क्या है? यह कहाँ से आता है और इसके आने से क्या क्या नुकशान हो सकते हैं और साथ ही हम जानेंगे की अगर कंप्यूटर या मोबाइल में वायरस आ जाता है तो उसे कैसे हटाते हैं तो इन सभी सवालों को ध्यान में रखते हुए आइये आगे बड़ते हैं इनके जवाबो की तरफ।




वायरस क्या है?

Virus kya hai
Virus kya hai

दोस्तों, वायरस एक ऐसा सॉफ्टवेयर होता है जिसे कंप्यूटर को नुकशान पहुचाने के लिए बनाया जाता है। यह या तो हमारे कीमती डाटा को मिटा देता है या हमारे कंप्यूटर को खराब कर देता है। वायरस दिखने में एक आम सॉफ्टवेयर जैसा होता है और यह हमेशा एक्सीक्यूट यानी सक्रीय होने के बाद ही काम करता है।

वायरस अपने आप नहीं बनता इसे दुसरे कंप्यूटर को जान बूझकर हानि पहुचाने के लिए बनाया जाता है। वायरस को किसी ट्रिक से विक्टिम के कंप्यूटर में इनस्टॉल करवाया जाता है जिससे की वह सारा डाटा खराब कर सके। वायरस एक तरह का मैलवेयर (malware) यानी malicious software है वायरस के अलावा और भी बहुत सारे malicious software होते है जो अलग अलग तरह से हमारे कंप्यूटर को हानि पहुचाते है।

कंप्यूटर वायरस की history।


दुनिया का सबसे पहला वायरस 1971 में आया था इस वायरस का नाम क्रीपर (creeper) था जिसे सबसे ARPANET (एक लोकल नेटवर्क) पर पाया गया था यह वायरस कंप्यूटर को इन्फेक्ट कर देता था और screen पर एक massage देता था “में क्रीपर हूँ मुझे पकड़ सकते हो तो पकड़ लो”। इसके बाद सन 1986 में (c) brain नामक एक वायरस आया था जो पहला बूट सेक्टर वायरस था मतलब की यह कंप्यूटर के चालु होते ही सक्रीय हो जाता था इसे “farooq alvi brothers” द्वारा बनाया गया था इसके बाद से समय के साथ-साथ वायरस की संख्या बडती गयी लेकिन अब इनके नियंत्रण के लिए वायरस बिरोधी (antivirus) सॉफ्टवेयर भी आने लगे।




वायरस कैसे काम करते है।


वायरस बहुत ही छोटा सा program होता है मतलब की इसे किसी दुसरे सॉफ्टवेयर या फाइल के साथ बाँध कर (Attach करके) भेजा जा सकता है एक छोटे से word document या स्प्रेडशीट के साथ भी इसे भेजा जा सकते है और ऐसा होने पर जब भी हम उस स्प्रेडशीट या word document को खोलेंगे वायरस हमारे कंप्यूटर की मेमोरी के अंदर सक्रिय हो जाएगा और अपना काम शुरू कर देगा।

एक बार फैलने के बाद यह दुसरे डाक्यूमेंट्स और सॉफ्टवेयर के साथ भी जुड़ जाता है जिस के कारण इसे विक्टिम के कंप्यूटर से निकालना बहुत ही मुश्किल हो जाता है।




वायरस कहाँ से आता है?


वायरस आपके कंप्यूटर में कहीं से भी आ सकता है जैसे की इन्टरनेट से कोई फाइल download करते समय या ईमेल के साथ या किसी pendrive से मेमोरी कार्ड से या किसी और जगह से भी। इसके आने का पता इसके सक्रिय होने और फैलने के बाद ही चलता है जिसके बाद इसे हटाना बहुत कठिन हो जाता है।



वायरस क्या क्या कर सकते है?


जैसा की मैने पहले भी बताया की यह छोटा सा होता है और किसी भी document सॉफ्टवेयर या फाइल के साथ आ सकता है इसीलिए इसका फैलना भी बहुत आसान होता है छोटा होने के कारण यह आपके कंप्यूटर की दूसरी फाइल्स या सॉफ्टवेयर में भी जुड़ जाता है और उन्हें भी इन्फेक्टेड कर देता है। यह आपके कंप्यूटर के साथ-साथ आपके नेटवर्क से जुड़े सारे computers को भी इन्फेक्ट कर देता है।




वायरस से कैसे बचें।

Computer Virus
Computer Virus
जैसा की हम सभी जानते है की वायरस अपने आप नहीं बनता इसे बनाया जाता है और उसके बाद हमारे पास भेजा जाता है आने के बाद यह सक्रिय करने पर हमारे कंप्यूटर को इन्फेक्ट कर देता है और डाटा को currupt या पूरे कंप्यूटर को क्रेश कर देता है।

कैसा हो अगर इस वायरस को सक्रीय होने से पहले ही पहचान कर डिलीट कर दिया जाए लेकिन ऐसा हम खुद से तो नहीं कर सकते लेकिन ऐसा करने के लिए हमें एक स्पेशल सॉफ्टवेयर की जरूरत पड़ती है जिसे हम एंटीवायरस कहते है एंटीवायरस एक ऐसा सॉफ्टवेयर होता है जो वायरस को कंप्यूटर में आने से पहले ही पहचान लेता है और हमें सूचित कर देता है जिससे हम आपने कंप्यूटर को बचा सकते है।

मैं यही recommend करूँगा की आप अपने कंप्यूटर में एक antivirus हमेशा इनस्टॉल रखें या आप अपने कंप्यूटर में ज्यादा जरूरी चीज़े रखते है तो आप windows के अलावा linux operating system का भी इस्तेमाल कर सकते है जिसमे इतनी आसानी से वायरस नहीं आते।

इसके अलावा अगर आपके पास कोई एंटीवायरस नहीं है तो आप कुछ बातों का ध्यान रखकर भी इनसे काफी हद तक बाख सकतें है।

जैसे –
  • कभी भी कोई malicious link (अजीब सा दिखने वाला) ना खोलें।
  • ऐसे ईमेल ना खोले जो आपको कुछ फ्री के ऑफर्स दे रहें हों जैसे “आपने एक कार जीत ली है”।
  • Un-trusted removeable media जैसे कहीं से मिली हुई pendrive को use ना करें।
  • अपने सॉफ्टवेयर और internet browser को हमेशा अपडेट रखें।


वायरस के बारे में कुछ फैक्ट्स

  • दुनिया का सबसे पहला वायरस जब आया था तब हमारे पास इन्टरनेट था ही नहीं।
  • Virus का full form है “Vital information resource under seize”।
  • Malware तीन तरह के होते है वायरस (virus), वोर्म्स(worms) और ट्रोजन हॉर्स (trojan horse) लेकिन हम इन्हें भी वायरस ही कहते है लेकिन तीनो के काम करने का तरीका अलग-अलग होता है।
  • हर महीने लगभग 6,000 से भी ज्यादा नए वायरस बनाये जातें है।
  • वायरस कभी भी अपने आप सक्रीय नहीं होता वह तभी सक्रीय होता है जब हम उसे खुद सक्रीय करते है।





दोस्तों, मुझे पूरी उम्मीद है की आपको मेरे द्वारा दी गयी कंप्यूटर वायरस क्या है? इन्हें कैसे हटाए इस बारे में यह जानकारी पसंद आई होगी और वायरस क्या है और इसे कैसे हटाते हैं इस बारे में जानकारी मिल गयी होगी अब अगर आपको लगता है की यह पोस्ट आपको दोस्तों के काम भी आ सकती है तो इसे उनके साथ भी जरूर शेयर करें ताकि उन्हें भी इस बारे में कुछ जानने को मिले और अगर आप इस तरह की और भी जानकारी चाहते हैं तो हमें हमारे सोशल मीडिया accounts पर भी जरूर follow करें ताकि आप हमारी लेटेस्ट पोस्ट सबसे पहले पड़ पाएं।

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