Ping क्या होता है? What is ping?

what is ping
Ping क्या होता है? What is ping?

दोस्तों, अगर आप कंप्यूटर चलाना जानते है तो आप ping के बारें में तो जानते ही होंगे अगर नहीं जानते तो आप बस आगे पड़ते रहिये इस ब्लॉग को। दोस्तों ping एक एसी network utility है जिसकी मदद से किसी particular device के ip address द्वारा उसके internet connection को test किया जाता है generally ping का मतलब “किसी की prensence को चेक करने” ही होता है। इस utiliy को करने के लिए दो मुख्य चीजों की जरुरत होती है पहला host या target और दूसरा client। Client अपने कंप्यूटर से host को ping echo request भेजता है और अगर host network से connected हुआ तो host client को response भेजता है। इस utility से हम बहुत सारे काम कर सकते है जेसे किसी website के server को ping request भेजकर चेक कर सकते है या किसी game के server को चेक कर सकते है की हम उनसे connect हो सकते है या नहीं। Ping utility को Mike Muuss ने 1983 में एक IP network की प्रॉब्लम को trobleshoot करने के लिए बनाया था। ज्यादातर ping tools Internet Control Message Protocol (ICMP) को ही यूज करते है जिसके द्वारा client host या target को ping request भेजता है और host से एक निश्चित समय में response लेता है और उस टाइम को भी माप लेता है। जिससे server की internet स्पीड या bandwidth का पता भी लगाया जा सकता है। request ना आने पर या errors hone पर report भी user को report भी देता है।

अपने कंप्यूटर और मोबाइल में ping tool को केसे यूज करें?


अपने कंप्यूटर में ping tool उसे करने के लिए आपको अलग से ping tool डाउनलोड करने की कोई जरूरत नहीं होती। Windows में आप command prompt मे ping लिखकर उसके बाद host का IP address लिखकर enter दबाने से बो host के पास ping request भेज देता है। linux और macOS में भी इसी तरह से terminal में ping लिखकर और IP address डाल कर ping कर सकते है। Android smartphone में ये tool यूज करने के लिए आप Play Store से android terminal emulator download कर सकते है यह tool बिलकुल linux के terminal की तरह ही काम करता है। IOS के लिए app store से network ping lite डाउनलोड कर सकते है इसे उसे करना भी आसान है।

Ping of Death क्या होता है?


किसी भी device को जब हम ping request भेजी जाती है तो उस device को client द्वारा 65,535 bytes per packets के हिसाब से भेजी जाती है लेकिन जब इससे ज्यादा bytes का packet भेज दिया जाए तो host device जिस पर request भेजी जा रही है उसपर DDoS यानी Destributed Deniel of Service attack हो सकता है जो की illigal है। 1997 में कुछ operating systems में यह flow पाया गया था जिस्समे यदि डिवाइस को 65,535 bytes से बड़ा packet सेंड किया ज्याता था तो वह काम करना बंद कर देता था इसी को Ping of Death भी कहते है हालाँकि इस flow को अब fix कर दिया गया है अब यह किसी भी डिवाइस में यह flow नहीं पाया जाता है।

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